Beenit kumar madheshiya
Sunday, 27 March 2016
Humay Chahiya Bus Taaluq Tumhara
हमे चाहिए बस तालुक तुम्हारा
मुहब्बत मिले यह अदावत हमारी
किसी से भी मिलना उसे जीत लेना
बरी दिल नसें हय आदत तुम्हारी
किसी को दिल का दीवाना पसंद है
किसी को दिल का नज़राना पसंद है
औरों की पसंद तो हमे पता नहीं
हमे तो आपका मुस्कुराना पसंद है
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